National Youth Day 2022

Prime Minister Shri Narendra Modi to virtually inaugurate the 25th National Youth Day Festival, National Youth Festival not only strengthens National Integration but also spreads the spirit of communal harmony and brotherhood among the youth.

“Man is born to conquer nature and not to follow it” – this quote by philosopher Swami Vivekananda still reverberates in the ears of every individual who wishes to overcome any difficulty with their fearless attitude. Swami Vivekananda’s life and teachings have encouraged millions across the world.
“मनुष्य का जन्म प्रकृति पर विजय पाने के लिए हुआ है उसका पालन करने के लिए नहीं” – दार्शनिक स्वामी विवेकानंद का यह उद्धरण आज भी हर उस व्यक्ति के कानों में गूंजता है जो अपने निडर रवैये से किसी भी कठिनाई को दूर करना चाहता है। स्वामी विवेकानंद के जीवन और शिक्षाओं ने दुनिया भर में लाखों लोगों को प्रोत्साहित किया है।

chicago conference of world religions in 1893
chicago conference of world religions in 1893

25वें राष्ट्रीय युवा महोत्सव का पीएम मोदी करा उद्घाटन

वर्ष 2022 के राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय द्वारा आयोजित किये जा रहे 25वें राष्ट्रीय युवा महोत्सव का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया। इसके साथ ही पीएम राष्ट्र को संबोधित भी करा।
स्वामी विवेकानंद की जयंती यानि 12 जनवरी को मनाने के क्रम में भारत सरकार द्वारा हर साल किसी एक राज्य के सहयोग से राष्ट्रीय युवा महोत्सव का 12 से 16 जनवरी तक आयोजन किया जाता है।

मंत्रालय द्वारा 25वें राष्ट्रीय युवा महोत्सव का थीम ‘सक्षम युवा – सशक्त युवा’ घोषित किया गया है।

स्वामी विवेकानंद के विचारों एवं आदर्शों को युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हुए भारत सरकार द्वारा वर्ष 1984 में 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस के तौर पर मनाये जाने की घोषणा की गयी थी।

इसके बाद वर्ष 1985 से हर वर्ष 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस के तौर मनाया जाता है।

दर्शनशास्त्र, धर्म, साहित्य, वेद, पुराण और उपनिषद की बेहद अच्छी जानकारी रखने वाले समाज सुधारक और आध्यात्मिक गुरू स्वामी विवेकानंद युवाओं को अपने सामर्थ्य के सही इस्तेमाल पर अत्यधिक बल देते थे।
इस अवसर पर भारत के हर जिले में युवाओं को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करना, प्रज्वलित करना, एकजुट करना और सक्रिय करना के उद्देश्यों से कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।

स्वामी विवेकानंद

स्वामी विवेकानंद तारीख 12 जनवरी 1863 को कोलकाता में जन्मे (मूल नाम – नरेंद्रनाथ दत्ता), विश्व भर में सर्वाधिक प्रसिद्ध दार्शनिकों में से एक माना जाता है।

उन्होंने अमेरिका स्थित शिकागो में सन् 1893 में आयोजित विश्व धर्म महासभा में भारत की ओर से सनातन धर्म का प्रतिनिधित्व किया था। भारत का आध्यात्मिकता से परिपूर्ण वेदान्त दर्शन अमेरिका और यूरोप के हर एक देश में स्वामी विवेकानन्द की वक्तृता के कारण ही पहुँचा।
गुरु = रामकृष्ण परमहंस 
संस्थापक = Ramakrishna Mission
साहित्यिक कार्य – राज योग, राज योग, कर्म योग, भक्ति योग, ज्ञान योग, माई मास्टर

जीवन के अन्तिम दिन उन्होंने शुक्ल यजुर्वेद की व्याख्या की और कहा- “एक और विवेकानन्द चाहिये, यह समझने के लिये कि इस विवेकानन्द ने अब तक क्या किया है।” उनके शिष्यों के अनुसार जीवन के अन्तिम दिन 4th July, 1902, को भी उन्होंने अपनी ध्यान करने की दिनचर्या को नहीं बदला और प्रात: दो तीन घण्टे ध्यान किया और ध्यानावस्था में ही अपने ब्रह्मरन्ध्र को भेदकर महासमाधि ले ली।

swami vivekananda and his disciples
swami vivekananda and his disciples

वैसे तो स्वामी विवेकानंद द्वारा युवाओं के लिए कई प्रेरणादायक वक्तव्य दिये हैं, इनमें से कुछ लोकप्रिय कथन निम्नलिखित हैं:-

  • जब तक आप खुद पर विश्वास नहीं करते तब तक आप भगवान पर विश्वास नहीं कर सकते।
  • उठो, जागो और तब तक नहीं रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए”
  • मेरा विश्वास युवा पीढ़ी, आधुनिक पीढ़ी में है। वे सिंह की भांति सभी समास्याओं से लड़ सकते हैं।
  • मेरे साहसी युवाओं, यह विश्वास रखो कि तुम ही सब कुछ हो – महान कार्य करने के लिए इस धरती पर आए हो। चाहे वज्र भी गिरे, तो भी निडर हो खड़े हो जाना और कार्य में लग जाना। साहसी बनो।
  • जब लोग तुम्हे गाली दें तो तुम उन्हें आशीर्वाद दो। सोचो, तुम्हारे झूठे दंभ को बाहर निकालकर वो तुम्हारी कितनी मदद कर रहे हैं।

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